| وغيداء يعزى طرفها لكنانة ٍ |
|
| ومعطفها المياد يعزى الى النضر |
|
| حمت ثغرها عن راشفٍ بلحاظها |
|
| كذاك سيوف الهند تحمي حمى الثغر |
|
| كأن جفوني حين تسفح بالبكى |
|
| على حبها كفّ المؤيد بالتبر |
|
| رعى الله أيام المؤيد إنها |
|
| ولا برحت فينا مواسم للدهر |
|
| مليك تساوى علمه ونواله |
|
| كأنهما بحران جاآ على بحر |
|
| مليكَ العلي بشراك بالعيد مقبلا |
|
| وبشرى الورى من سحب كفيك بالعشر |
|
| وهنئت بالفطر الذي قام ناحراً |
|
| عداتك حتى أشكل الفطر بالنحر |